श्री दत्तात्रेय स्तोत्र

भगवान दत्तात्रेय

भगवान दत्तात्रेय भगवान ब्रह्मा, विष्णु और शिव तीनो के अवतार है। वह अनसूया और महर्षि अत्री के पुत्र थे। दत्तात्रेय नाम दो शब्दों में विभाजित किया जा सकता है, दत्त (साधनकर्ता) और अत्री (ऋषि अत्री)। भगवान दत्तात्रेय को पर्यावरण शिक्षा के गुरु के रूप में माना जाता है .

Shri Dattatreya Stotram

श्री दत्तात्रेय स्तोत्रम् हिंदी में

जटाधरं पाण्डुरंगं शूलहस्तं दयानिधिम्।
सर्वरोगहरं देवं दत्तात्रेयमहं भजे ॥१॥

जगदुत्पत्तिकर्त्रे च स्थितिसंहारहेतवे।
भवपाशविमुक्ताय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥२॥

जराजन्मविनाशाय देहशुद्धिकराय च।
दिगंबर दयामूर्ते दत्तात्रेय नमोस्तुते॥३॥

कर्पूरकान्तिदेहाय ब्रह्ममूर्तिधराय च।
वेदशास्स्त्रपरिज्ञाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥४॥

ह्रस्वदीर्घकृशस्थूलनामगोत्रविवर्जित!
पञ्चभूतैकदीप्ताय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥५॥

यज्ञभोक्त्रे च यज्ञेय यज्ञरूपधराय च।
यज्ञप्रियाय सिद्धाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥६॥

आदौ ब्रह्मा मध्ये विष्णुरन्ते देवः सदाशिवः।
मूर्तित्रयस्वरूपाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥७॥

भोगालयाय भोगाय योगयोग्याय धारिणे।
जितेन्द्रिय जितज्ञाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥८॥

दिगंबराय दिव्याय दिव्यरूपधराय च।
सदोदितपरब्रह्म दत्तात्रेय नमोस्तुते॥९॥

जंबूद्वीप महाक्षेत्र मातापुरनिवासिने।
भजमान सतां देव दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१०॥

भिक्षाटनं गृहे ग्रामे पात्रं हेममयं करे।
नानास्वादमयी भिक्षा दत्तात्रेय नमोस्तुते॥११॥

ब्रह्मज्ञानमयी मुद्रा वस्त्रे चाकाशभूतले।
प्रज्ञानघनबोधाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१२॥

अवधूत सदानन्द परब्रह्मस्वरूपिणे ।
विदेह देहरूपाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१३॥

सत्यरूप! सदाचार! सत्यधर्मपरायण!
सत्याश्रय परोक्षाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१४॥

शूलहस्त! गदापाणे! वनमाला सुकन्धर!।
यज्ञसूत्रधर ब्रह्मन् दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१५॥

क्षराक्षरस्वरूपाय परात्परतराय च।
दत्तमुक्तिपरस्तोत्र! दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१६॥

दत्तविद्याड्यलक्ष्मीश दत्तस्वात्मस्वरूपिणे।
गुणनिर्गुणरूपाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१७॥

शत्रुनाशकरं स्तोत्रं ज्ञानविज्ञानदायकम्।
आश्च सर्वपापं शमं याति दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१८॥

इदं स्तोत्रं महद्दिव्यं दत्तप्रत्यक्षकारकम्।
दत्तात्रेयप्रसादाच्च नारदेन प्रकीर्तितम् ॥१९॥

इति श्रीनारदपुराणे नारदविरचितं
श्रीदत्तात्रेय स्तोत्रं संपुर्णमं।।

।। श्रीगुरुदेव दत्त ।।

दत्तात्रेय स्तोत्र के लाभ

Benefits of  Shri Dattatreya stotram

भगवान दत्तात्रेय की साधना में दत्तात्रेय स्तोत्र को बेहद प्रभावशाली माना जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार श्री दत्तात्रेय स्तोत्र का पाठ करने से मन को शांति और घबराहट से मुक्ति मिलती है।

According to Hindu Mythology recitation of Shri Dattatreya stotram gives peace of mind.

दत्तात्रेय स्तोत्र का पाठ कैसे करे

हिन्दू धरम शास्त्रों के अनुसार  सुबह जल्दी स्नान करके भगवान दत्तात्रेय की तस्वीर या मूर्ति के सामने श्री दत्तात्रेय स्तोत्र का पाठ करे. सर्व प्रथम भगवान् भगवान दत्तात्रेय का आवाहन करें और भगवान दत्तात्रेय को सर्व प्रथम आसन अर्पित करें, तत्पश्चात पैर धोने के लिए जल समर्पित करें  आचमन अर्पित करें ,स्नान हेतु जल समर्पित करें ,तिलक करें , धुप -दीप दिखाएं  ,प्रसाद अर्पित करें, आचमन हेतु जल अर्पित करें, तत्पश्चात नमस्कार करें। तत्पश्चात श्री दत्तात्रेय स्तोत्र का पाठ करे 

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