कालसर्प दोष निवारण मंत्र

ज्योतिष शास्त्र मैं कई कालसर्प दोष निवारण मंत्र बताये गए हैं पर सबसे उत्तम कालसर्प दोष निवारण मंत्र ” महा मृत्युंजय मन्त्र बताया गया हैं . रोज १ माला महा मृत्युंजय मन्त्र का जप करने से कालसर्प दोष निवारण होता हैं

कालसर्प दोष निवारण मंत्र

||ॐ त्र्यम्बक यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धन्म।

उर्वारुकमिव बन्धनामृत्येर्मुक्षीय मामृतात् !!

उपरोक्त कालसर्प दोष निवारण मंत्र  का पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ कम से कम १ माला रोज जाप करे कालसर्प दोष निवारण होगा

कालसर्प दोष क्या है

कालसर्प दोष के लक्षण

कालसर्प दोष निवारण




कालसर्प दोष निवारण

कालसर्प दोष निवारण पूजा  नाशिक मैं या उज्जैन मैं करना बहुत शुभ माना जाता हैं और बहुत जल्दी इसके फल प्राप्त होते हैं. पर किसी कारणवश आप ये पूजा नहीं करवा पाते तो भी कालसर्प दोष निवारण  के लिए कुछ सरल उपाय ज्योतिष शास्त्र मैं बताये गए हैं जिनके करने से कालसर्प दोष निवारण  होता हैं

आज हम आपको ऐसे ही कुछ कालसर्प दोष निवारण के सरल उपाय  बता रहे जिन्हे आप आसानी से करकर कालसर्प दोष निवारण  कर सकते हैं

कालसर्प दोष निवारण

  • शिवलिंग पर प्रतिदिन जल और २१ बिल्वपत्र चढ़ाएं।
  • प्रतिदिन महा मृत्युंजय मन्त्र की कम से कम १ माला का जाप करें।
  • शिव भगवान का रुद्राभिषेक करे या करवाए ।
  • अपने शयन कक्ष मैं सिरहाने पर मोरपंख सदा रखे
  • नागपंचमी का व्रत करें और नाग देवता की पूजा अर्चना करे ।
  • नित्य हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें।
  • मंगलवार एवं शनिवार को सुंदरकाण्ड का पाठ करें।
  • नित्य सुबह जौ के दाने पक्षियों को खिलाएं
  • रोज शिवलिंग पर चंदन युक्त धूप, तेल, सुगंध अथवा इत्र अर्पित किया करें।
  • शिवलिंग पर चांदी के नाग और नागिन का जोड़ा अर्पित करे।
  • चांदी की छोटी डिब्बी में नागकेसर अपने पास रखने से काल सर्प दोष का निवारण होता हैं
  • नाग पंचमी के दिन चांदी के सर्प की पूजा करें और सफेद फूल व बताशे के साथ इनका जोड़ा बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें ।
  • शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करें तथा शाम के समय पीपल के नीचे दीपक जलाएं ।

उपरोक्त कालसर्प दोष निवारण उपाय  सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ करके आप कालसर्प दोष कम कर सकते हैं या बिलकुल ख़तम भी कर सकते हैं

कालसर्प दोष क्या है

कालसर्प दोष के लक्षण

कालसर्प दोष निवारण मंत्र




कालसर्प दोष के लक्षण

वैसे तो कोई भी अच्छा ज्योतिष आपकी पत्रिका देखकर बता सकता हैं की आपको कालसर्प दोष हैं की नहीं. पर अगर किसी कारण पत्रिका नहीं है तो कालसर्प दोष के लक्षण  से पता लग जाता हैं की कालसर्प दोष हैं की नहीं.

आज हम आपको बता रहे हैं कालसर्प दोष के लक्षण.अगर कोई वयक्ति निचे बताये गए लक्षणों का सामना कर रहा हैं तो यह निश्चित हैं उसकी कुंडली में कालसर्प दोष हैं.

कालसर्प दोष के लक्षण

  • बहुत ज्यादा मेहनत के बावजूद काम/ नौकरी मैं सफलता ना मिलना
  • अकारण बार बार बिज़नेस मैं नुक्सान होना।
  • घर के ही लोगो द्वारा बार बार ठगा जाना
  • समाज मैं बिलकुल भी मान सम्मान न मिलना
  • पानी या उचाई से बहुत ज्यादा डर लगना
  • रात मैं बुरे२ सपने आना और सपने नदी, तालाब,कुए,और समुद्र का पानी दिखाई देना
  • दिमाग मैं हमेशा कोई अज्ञात भय बना रहना
  • नींद में शरीर पर साप रेंगता महसूस होना
  • विवाह देरी से होना या न होना
  • वैवाहिक जीवन सफल ना होना या तलाक होना
  • हमेशा अकेला महसूस करना और लगना की कोई कभी साथ नहीं देता

कालसर्प दोष के लक्षण  पता चलने पर कालसर्प दोष निवारण करने के लिए प्रयास करना चाइए

कालसर्प दोष क्या है

कालसर्प दोष निवारण

कालसर्प दोष निवारण मंत्र




कालसर्प दोष क्या है

हमारा पूरा जीवन हमारी कुंडली मैं बने योगो के अनुसार चलता हैं .कुंडली के शुभ योग इन्सान को राजा बना देते हैं और अशुभ योग भिकारी. आज हम आपको कुंडली के इन्हीं योगों में से एक कालसर्प योग  जिसे सामान्य भाषा में कालसर्प दोष  कहा जाता है के बारे मैं बताएँगे ।

कालसर्प दोष

कालसर्प दोष क्या है

जब जातक की कुंडली के सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाते हैं तो यह कालसर्प योग या कालसर्प दोष कहलाता है। कालसर्प योग कुंडली वाले जातक को जीवन में कई परेशानियों का सामना तो करना पड़ता है।

राहु और केतु ग्रह के बीच में बाकी सभी ग्रह फँस जाते हैं और यही चीज जातक के लिए एक समस्या बन जाती है। कालसर्प दोष के कारण फिर व्यापार में बाधा, नौकरी में परेशानी, विवाह में देरी और धन संबंधित परेशानियाँ, उत्पन्न होने लगती हैं।

कालसर्प योग के प्रकार

ज्योतिष शास्त्र में निम्नलिखित 12 प्रकार के कालसर्प योगों का वर्णन किया गया है-

अनंत कालसर्प योग
अगर राहु लग्न में बैठा है और केतु सप्तम में और बाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में तो कुंडली में अनंत कालसर्प दोष का निर्माण हो जाता है। अनंत कालसर्प योग के कारण जातक को जीवन भर मानसिक अशांति और वैवाहिक जीवन का सुख नहीं मिलता।

कुलिक कालसर्प योग
अगर राहु कुंडली के दुसरे घर में, केतु अष्ठम में विराजमान है और बाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में है तब कुलिक कालसर्प योग का निर्माण होता है।यह योग व्यक्ति के जीवन में धन और स्वास्थ्य संबंधित परेशानियाँ उत्पन्न करता हैं।

वासुकि कालसर्प योग
जन्मकुंडली के तीसरे भाव में राहु और नवम भाव में केतु विराजमान हो तथा बाकि ग्रह बीच में तो वासुकि कालसर्प योग का निर्माण होता है। इस प्रकार की कुंडली में बल और पराक्रम को लेकर समस्या उत्पन्न होती हैं।

शंखपाल कालसर्प योग
अगर राहु चौथे घर में और केतु दसवें घर में हो साथ ही साथ बाकी ग्रह इनके बीच में हों तो शंखपाल कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसे व्यक्ति के पास जमीन, धन और मान-सम्मान संबंधित परेशानियाँ बनी रहती हैं।

पद्म कालसर्प योग
जब जन्मकुंडली के पांचवें भाव में राहु, ग्याहरहवें भाव में केतु और बीच में अन्य ग्रह हों तो पद्म कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसे इंसान को शादी और धन संबंधित दिक्कतें परेशान करती हैं।

महा पद्म कालसर्प योग
अगर राहु किसी के छठे घर में और केतु बारहवें घर में विराजमान हो तथा बाकी ग्रह मध्य में तो तब महा पद्म कालसर्प योग का जन्म होता है। इस प्रकार के जातक के पास विदेश यात्रा और धन संबंधित सुख नहीं प्राप्त हो पाता है।

तक्षक कालसर्प योग
जब जन्मकुंडली के सातवें भाव में राहु और केतु लग्न में हो तो इनसे तक्षक कालसर्प योग बनता है। यह योग शादी में विलंब व वैवाहिक सुख में बाधा उत्पन्न करता है।

कर्कोटक कालसर्प योग
अगर राहु आठवें घर में और केतु दुसरे घर आ जाता है और बाकी ग्रह इनके बीच में हों तो कर्कोटक कालसर्प योग कुंडली में बन जाता है। ऐसी कुंडली वाले इंसान का धन स्थिर नहीं रहता है और गलत कार्यों में धन खर्च होता है।

शंखनाद कालसर्प योग
जब जन्मकुंडली के नवम भाव में राहु और तीसरे भाव में केतु हो और सारे ग्रह इनके मध्य हों तो इनसे बनने वाले योग को शंखनाद कालसर्प योग कहते है। यह दोष भाग्य में रूकावट, पराक्रम में रूकावट और बल को कम कर देता है।

पातक कालसर्प योग
इस स्थिति के लिए राहु दशम में हो, केतु चौथे घर में और बाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में तब पातक कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसा राहु काम में बाधा व सुख में भी कमी करने वाला बन जाता है।

विषाक्तर कालसर्प योग
जब जन्मकुंडली के ग्याहरहवें भाव में राहु और पांचवें भाव में केतु हो और सारे ग्रह इनके मध्य मे अटके हों तो इनसे बनने वाले योग को विषाक्तर कालसर्प योग कहते है। इस प्रकार की कुंडली में शादी, विद्या और वैवाहिक जीवन में परेशानियां बन जाती हैं।

शेषनाग कालसर्प योग
अगर राहु बारहवें घर में, केतु छठे में और बाकी ग्रह इनके बीच में हो तो शेषनाग कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसा राहु स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें, और कोर्ट कचहरी जैसी समस्याएं उत्पन्न करता है।

कालसर्प दोष के लक्षण

कालसर्प दोष निवारण

कालसर्प दोष निवारण मंत्र




नाग पंचमी 2020 | Nag Panchmi

नागपंचमी के दिन भगवान शिव के साथ नाग की पूजा करने से अनेक दोष समाप्त हो जाते हैं। विशेष रूप से कालसर्प योग के दुष्परिणाम को दूर करने के लिए नाग पंचमी बहुत अच्छा अवसर है।

नाग पंचमी 2020

25वाँ
जुलाई 2020
Saturday / शनिवार

नाग पंचमी 2020 पूजा मुहूर्त

नाग पञ्चमी पूजा मूहूर्त – 05:39 से 08:22
अवधि – 02 घण्टे 44 मिनट्स
गुजरात में नाग पञ्चम शनिवार, अगस्त 8, 2020 को
पञ्चमी तिथि प्रारम्भ – जुलाई 24, 2020 को 14:34 बजे
पञ्चमी तिथि समाप्त – जुलाई 25, 2020 को 12:02 बजे

नाग पंचमी

सावन महीने के दौरान शुक्ल पक्ष की पंचमी को नागपंचमी के रूप में मनाया जाता है। आमतौर पर नागपंचमी हरिअली तीज के दो दिन बाद आती है वर्तमान में नाग पंचमी जुलाई और अगस्त के महीने में अंग्रेजी कैलेंडर में पड़ती है। नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती हैं और इस दिन सांप को दूध पिलाते हैं। महिलाएं अपने भाइयों और परिवार की कल्याण के लिए भी प्रार्थना करती हैं

नाग पंचमी पूरे भारत में हिंदुओं द्वारा मनाए गए सांप देवता की एक पारंपरिक पूजा है। हिंदू कैलेंडर में, कुछ दिनों में सर्प देवता और पंचमी तीथ की पूजा करने में महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर श्रावण माह के दौरान सांप देवताओं की पूजा करने के लिए अत्यधिक शुभ माना जाता है। नाग पंचमी उन महत्वपूर्ण दिनों में से एक है और यह श्रावण महीने के दौरान शुक्ल पक्ष पंचमी पर मनाया जाता है।

यह माना जाता है कि सांप की जाने वाली किसी भी पूजा को साँप देवताओं तक पहुंचेगी और उनका आशीर्वाद मिलेगा । इसलिए लोग दिन पर सांपों की पूजा करते हैं, क्योंकि वे साँप के देवताओं के प्रतिनिधि हैं जो हिंदू धर्म में प्रतिष्ठित और पूजते हैं। यद्यपि कई सर्प देवता हैं, नाग पंचमी पूजा के दौरान बारह सांप देवताओ की पूजा की जाती है

नागपंचमी मंत्र

“ ॐ कुरुकुल्ये हुं फट् स्वाहा “




लक्ष्मी पूजन सामग्री

लष्मी पूजन का हिन्दू धरम शास्त्रों मैं बहुत ज्यादा महत्व बताया गया हैं. अगर विधिवत और पूरी लक्ष्मी पूजन सामग्री  के साथ लक्ष्मी पूजन किया जाये तो माँ लक्ष्मी प्रसन्न होकर आपकी सारी आर्थिक समस्याओ को ख़तम कर देती हैं

आज हम आपके के लिए लाये हैं लक्ष्मी पूजन सामग्री  की पूरी लिस्ट जिसकी आपको लक्ष्मी पूजन मैं जरूरत होती हैं

लक्ष्मी पूजन सामग्री | महालष्मी पूजा

अबीर, गुलाल
फूल (गुलाब एवं लाल कमल)
लौंग
अगरबत्ती
हल्दी
अर्घ्य पात्र सहित अन्य सभी पात्र
इत्र की शीशी
इलायची (छोटी)
ऋतुफल
कपूर
केसर
कमलगट्टे
कुंकु
कुशा
खड़ा धनिया
खील-बताशे
गंगाजल
गुलाल,
घृत (शुद्ध घी)
चंदन
चाँदी का सिक्का
चावल
लौंग लगा पान का बीड़ा
तुलसी दल
दही
दीपक
दूध
दूर्वा
धनिया खड़ा
धान्य (चावल, गेहूँ)
धूप बत्ती
नाड़ा
नैवेद्य या मिठाई (पेड़ा, लड्डू, खीर इत्यादि)
पंच पल्लव (बड़, गूलर, पीपल, आम और पाकर के पत्ते)
पंच मेवा
पान के पत्ते
पुष्पमाला,
बड़े दीपक के लिए तेल
मौली
यज्ञोपवीत 5
रुई
रोली
लक्ष्मीजी को अर्पित करने हेतु वस्त्र
लाल कपड़ा (आधा मीटर)
शकर
शहद (मधु)
श्रीफल (नारियल)
सप्तधान्य
सफेद कपड़ा (आधा मीटर)
सिंदूर
सुपारी,
सौभाग्य द्रव्य- मेहँदी चूड़ी, काजल, पायजेब,
हल्दी की गाँठ,

लक्ष्मी पूजन सामग्री  आप किसी भी किराने या पूजा सामग्री की दुकान से प्राप्त कर सकते हैं




लक्ष्मी प्राप्ति के घरेलू उपाय

आज के युग मैं इंसान की सबसे बड़ी जरुरत हैं धन मतलब माँ लक्ष्मी. हर वयक्ति लक्ष्मी प्राप्ति के घरेलू उपाय ढूंढ़ता रहता हैं जिससे वो ज्यादा से धन की प्राप्ति कर सके. आज हम आपके लिए लाये हैं कुछ बहुत ही सरल पर अचूक लक्ष्मी प्राप्ति के घरेलू उपाय जिन्हे आप आसानी से घर पर करकर आपार धन प्राप्त कर सकते हैं

लक्ष्मी प्राप्ति के घरेलू उपाय

  • रोज प्रातकाल घर के मुख्य द्वार पर एक लोटा पानी डालने से मां लक्ष्मी का घर मैं प्रवेश आसान होता हैं |
  • घर के अंदर झाड़ू छुपाकर रखे तो धन की प्राप्ति होती हैं
  • 21 अभिमंत्रित गोमती चक्र को हल्दी से तिलक कर लाल रंग के कपडे में बांधकर घर की तिजोरी में रखने से माँ लक्ष्मी की प्राप्ति होती हैं
  • लक्ष्मी  प्राप्ति के लिए रोज रात को 1 चांदी की कटोरी मै 1 कपूर की डली 1 लौंग के साथ जलाये।
  • माँ लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए आप रोजाना अपने घर के पूजा स्थान में शुद्ध घी का दीपक जलाये .
  • शुक्रवार के दिन एक पीले कपडे मैं पांच पीले रंग की कौड़ी, थोड़ा सा केसर तथा सिक्के बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें।
  • शुक्रवार के दिन 9 वर्ष से कम आयु की 5 कन्यायों को घर बुलाकर उन्हें भर पेट खीर (शक्कर के स्थान पर मिश्री डालें) खिलाएं। इसके बाद उन्हें वस्त्र और दक्षिणा देकर पैर छू लें।

पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ ये लक्ष्मी प्राप्ति के घरेलू उपाय करे, माँ लक्ष्मी आप पर जरूर प्रसन्न होगी और आपके घर मैं धन धन्य की बारिश करेगी




घर मे बरकत के उपाय

हर व्यक्ति का प्रयास यही होता हैं घर मैं हमेशा बरकत बनी रहे. बरकत का मतलब होता है घर मैं हर तरीके से शांति और समृद्धि बने रहना | आज के युग की भागदौड़ भरी जिंदगी मैं आदमी के जीवन की सुख शांति ख़तम होती जा रही हैं| आज हम आपके के लिए लाये हैं घर मे बरकत के उपाय  जो न केवल आप के जीवन मैं धन बढ़ाएंगे बल्कि सुख और शांति भी लाएंगे|

घर मे बरकत के उपाय

  • घर मैं बरकत बढ़ाने के लिए घर को हमेशा साफ़ सुथरा रखे
  • घर मैं बरकत बढ़ाने के घर की सभी स्त्रियों का पूरा सम्मान करे
  • घर मैं बरकत बढ़ाने के घर मैं बिलकुल भी कलह और गाली गलौज न करे
  • घर के ईशान कौण को साफ रखें।
  • घर के ईशान कौण मैं रोज १ घी का दिया और अगरबत्ती प्रज्वल्लित करे
  • बाथरूम को गिला न छोड़े और कोई भी नल टपकता न हो
  • घर की तिजोरी आग्नये कौण्ड मैं रखे
  • सूखे फूल माला घर मैं न रखे
  • रोज सुबह शाम घर कपूर जलाये
  • घर के ईशान कौण मैं गंगाजल रखे

घर मे बरकत के उपाय  जो हमने आपको बताये हैं वो हमेशा पूरी श्रद्धा और विस्वास के साथ करे आपके घर मैं हमेशा बरकत बनी रहेगी




शनिवार को क्या करे

शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति को जीवन मैं कई प्रकार की परेशानियों से झूझना पड़ता है। लेकिन अगर आप पर शनिदेव की कृपा हो जाये तो हर क्षेत्र में सफल हो जाते है। जिस व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती अौर ढय्या चल रही हो और अगर अशुभ फल दे रही हो तो उस वयक्ति को जीवन के हर क्षेत्र मैं कष्टों का सामना करना पड़ता हैं है। ऐसे व्यक्ति का एक ही प्रश्न होता हैं “शनिवार को क्या करे “।

आज हम आपको यह बता रहे हैं की “शनिवार को क्या करे ” जिससे शनि देव के अशुभ फल शुभ हो जाए और आपको जीवन के हर क्षेत्र मैं सफलता मिलनी चालू हो जाये।

शनिवार को क्या करे

  • शनिवार के दिन काले कुत्ते को तेल चुपड़ी रोटी खिलाने से शनि देव प्रसन्न होते है।
  • शनिवार के दिन तेल से बने खाने को भिखारियों को बाटने से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं।
  • शनिवार के दिन उड़द की दाल के 4 बड़े सिर पर से 3 बार उलटा घुमाकर कौओं को खिलाएं।
  • शनिवार के दिन काले घोड़े  की पिछले दायें पैर की नाल अभिमंत्रित करके अपने घर के प्रवेश द्वार पर U आकार में लगाएं
  • शनिवार के दिन शाम को  चीटियों को आटा खिलाने और मछलियों को दाना डालने से आपका भाग्य खुल सकता है.
  • शनिवार के दिन शाम को आप  हनुमानजी की मूर्ति के सामने हनुमानचालीसा का 11 पाठ करें
  • शनिवार के दिन शनि देव को सरसो का तेल काले टिल डालकर चढायें
  • शनिवार के दिन अपनी पहनी हुई एक जोडी चप्पल भिकारी को दे दे
  • शनिवार के दिन काला कम्बल और सूखा नारियल किसी गरीब को दान दें

आशा है हमारी इस पोस्ट मैं आपको अपने प्रश्न का उत्तर मिल गया होगा की ” शनिवार को क्या करे




कर्ज मुक्ति के सरल उपाय

हिन्दू धरम शास्त्रों मैं बताया गया हैं जहा तक हो इन्सान को कर्ज लेने से बचाना चाइये और अगर ले ले तो चुकाना जरूर चाईये नहीं तो अगले जनम में चुकाना पड़ता हैं. आज के युग मैं इंसान की जरूरते इतनी बढ़ गयी हैं की उनको पूरी करने के चक्कर मैं आदमी ढेर सारा कर्ज ले लेता हैं और फिर कर्ज मुक्ति के सरल उपाय ढूंढ़ता रहता हैं.

ज्योतिष और तंत्र शास्त्र मैं कर्ज मुक्ति के सरल उपाय बताये गए हैं जिनके करने से आदमी आसानी से कर्ज से मुक्ति पा सकता हैं. आज हम आपको ऐसे ही कर्ज मुक्ति के सरल उपाय बता रहे हैं.

कर्ज मुक्ति के सरल उपाय/टोटके

  • ऋणमुक्तेश्वर महादेव की लाल मसूर की दाल चढ़ाकर पूजन करें और निम्लिखित मंत्र का जप करे। ” ॐ ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नमः “
  • मंगलवार के दिन १ नारियल पर रक्तचंदन से स्वस्तिक बनाकर हनुमानजी को चढ़ा दे और लिए ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करें |
  • शिवजी की भातपूजा, मंगल का दान, होम और जप करें।
  • मंगलवार के दिन से कर्ज चुकाना चालू करे बहुत जल्दी क़र्ज़ से मुक्ति मिल जाएगी।
  • मंगलवार के दिन कभी क़र्ज़ ना ले।
  • रोज पहनने मैं लाल या सफेद वस्त्रों का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें।
  • श्रीगणेश को प्रति बुधवार दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं और अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

कर्ज मुक्ति के सरल उपाय/टोटके  पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करे तो ही ये सफल होते हैं