Rahu Chalisa in Hindi Lyrics PDF | श्री राहु चालीसा
श्री राहु चालीसा
श्री राहु चालीसा क्या है?
श्री राहु चालीसा राहु देव की महिमा, शक्ति और कृपा का वर्णन करने वाला एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है। इसमें चालीस चौपाइयों के माध्यम से राहु देव का स्मरण और स्तवन किया जाता है। वैदिक ज्योतिष में राहु को एक प्रभावशाली छाया ग्रह माना जाता है, इसलिए अनेक भक्त राहु की कृपा प्राप्त करने और उनके अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए राहु चालीसा का पाठ करते हैं।
राहु चालीसा केवल ग्रह शांति का साधन नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ाने का माध्यम भी माना जाता है।
Rahu Chalisa in Hindi Lyrics
॥ दोहा ॥
नमो नमो श्री राहु सुखकारी ।
सभी कष्टों को हरने वाले,
भक्तों को सुख देने वाले ॥
जयति जयति श्री राहु महाराज ।
भव बंधन से करते सबका उद्धार ॥
॥ चौपाई ॥
जयति जयति श्री राहु दयाला ।
सदा भक्तन के संकट हारा ॥
सर्पाकार, फणी धर शेषा ।
राहु देव, संकट हरनेवाला ॥
सिर कटे पर धड़ ना छोड़ा ।
अमृत पान किया संत मोड़ा ॥
राहु केतु, कालग्रह जाने ।
सभी संकटों को दूर भगाने ॥
सर्पाकार, छाया ग्रह माने ।
सभी जनों के दुख हर जाने ॥
केतु राहु संग्राम मचाया ।
देवताओं को भी डराया ॥
भानु ग्रास, चंद्र को धाया ।
सभी ग्रहों पर प्रभाव दिखाया ॥
राहु-केतु छाया ग्रह भारे ।
सभी ग्रहों में राहु न्यारे ॥
राहु दोष जो जनम कुंडली ।
राहु चालीसा करें निरंतर ॥
जीवन में सभी कष्ट मिटावे ।
राहु देव कृपा बरसावे ॥
भक्त जो राहु देव को ध्यावे ।
सभी संकटों को हर लावे ॥
राहु ग्रह का प्रभाव हटावे ।
सभी जनों को सुख दिलावे ॥
कालसर्प दोष भी टारे ।
राहु चालीसा जो जन गावे ॥
राहु ग्रह के मंत्र जपे जो ।
जीवन में सब सुख पावे सो ॥
शत्रु से जो भयभीत होवे ।
राहु देव का ध्यान धरावे ॥
राहु देव की शरण जो आवे ।
सभी कष्टों से मुक्ति पावे ॥
राहु देव का ध्यान लगावे ।
जीवन में सुख शांति पावे ॥
राहु देव का यश गावे ।
सभी संकट दूर भगावे ॥
भक्ति भाव से राहु देव को ।
जो भी भक्त सुमिरे मन में ॥
सभी संकट, कष्ट मिटावे ।
राहु देव कृपा बरसावे ॥
राहु देव की शरण जो आवे ।
जीवन में सभी सुख पावे ॥
राहु देव का यश गावे ।
सभी संकट दूर भगावे ॥
कृपा दृष्टि राहु देव की ।
जो भी भक्त मन में ध्यावे ॥
राहु देव के चरणों में ।
सभी भक्त शीश नवावे ॥
भानु चंद्र जो राहु ग्रसे ।
सभी ग्रहों पर राहु बसे ॥
राहु देव की महिमा न्यारी ।
सभी ग्रहों में राहु भारी ॥
सर्पाकार राहु देव का ।
जो भी भक्त सुमिरे मन में ॥
राहु ग्रह का दोष मिटावे ।
सभी जनों को सुख दिलावे ॥
कृपा दृष्टि राहु देव की ।
सभी भक्तों को सुख पावे ॥
भानु चंद्र जो राहु ग्रसे ।
सभी ग्रहों पर राहु बसे ॥
राहु देव की महिमा न्यारी ।
सभी ग्रहों में राहु भारी ॥
सर्पाकार राहु देव का ।
जो भी भक्त सुमिरे मन में ॥
राहु ग्रह का दोष मिटावे ।
सभी जनों को सुख दिलावे ॥
भानु चंद्र जो राहु ग्रसे ।
सभी ग्रहों पर राहु बसे ॥
राहु देव की महिमा न्यारी ।
सभी ग्रहों में राहु भारी ॥
सर्पाकार राहु देव का ।
जो भी भक्त सुमिरे मन में ॥
॥ दोहा ॥
नमो नमो श्री राहु सुखकारी ।
सभी कष्टों को हरने वाले,
भक्तों को सुख देने वाले ॥
जयति जयति श्री राहु महाराज ।
भव बंधन से करते सबका उद्धार ॥
॥ इति संपूर्णंम् ॥
राहु देव के बारे में
राहु हिंदू धर्म के नवग्रहों में एक महत्वपूर्ण ग्रह देवता हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार राहु ने समुद्र मंथन के दौरान अमृत ग्रहण किया था, जिसके कारण उन्हें विशेष दिव्य शक्ति प्राप्त हुई।
ज्योतिष में राहु को महत्वाकांक्षा, तकनीक, विदेशी संबंध, अनुसंधान, राजनीति, रहस्य और जीवन में अचानक होने वाले परिवर्तनों का कारक माना जाता है। शुभ राहु व्यक्ति को असाधारण सफलता और प्रसिद्धि दिला सकता है।
श्री राहु चालीसा का महत्व
श्री राहु चालीसा का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व है।
राहु देव की कृपा प्राप्त करने का माध्यम।
राहु दोष और राहु महादशा में मानसिक बल प्रदान करने वाला।
आत्मविश्वास और धैर्य बढ़ाने में सहायक।
सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करने वाला।
नवग्रह उपासना का महत्वपूर्ण अंग।
आध्यात्मिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक।
श्री राहु चालीसा का अर्थ
श्री राहु चालीसा में राहु देव के गुणों, प्रभावों और दिव्य शक्ति का वर्णन किया गया है। इसके माध्यम से भक्त राहु देव से जीवन में संतुलन, सफलता, सुरक्षा और शुभ फल की कामना करते हैं।
चालीसा का मुख्य संदेश यह है कि श्रद्धा और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
श्री राहु चालीसा का पाठ कब करना चाहिए?
श्री राहु चालीसा का पाठ निम्न अवसरों पर विशेष रूप से किया जा सकता है:
बुधवार और शनिवार
राहु महादशा या अंतरदशा के दौरान
अमावस्या के दिन
नवग्रह पूजा के समय
विशेष ग्रह शांति अनुष्ठानों में
प्रतिदिन सुबह या शाम की पूजा में
नियमित पाठ करने से मन में स्थिरता और सकारात्मकता बनी रहती है।
श्री राहु चालीसा का पाठ कैसे करें?
श्री राहु चालीसा का पाठ करने की सामान्य विधि:
स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थान को साफ और शांत रखें।
राहु देव या नवग्रह की प्रतिमा अथवा चित्र के सामने दीपक जलाएं।
राहु देव का ध्यान करें।
श्रद्धा और एकाग्रता के साथ चालीसा का पाठ करें।
पाठ के बाद प्रार्थना और कृतज्ञता व्यक्त करें।
नियमित रूप से पाठ करने का प्रयास करें।
श्री राहु चालीसा के लाभ
श्री राहु चालीसा के नियमित पाठ से निम्नलिखित लाभ प्राप्त होने की मान्यता है:
मानसिक शांति और आत्मविश्वास।
भय और भ्रम में कमी।
राहु दोषों की शांति में सहायता।
सकारात्मक सोच और निर्णय क्षमता में सुधार।
आध्यात्मिक जागरूकता में वृद्धि।
जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति।
राहु देव की कृपा और संरक्षण की अनुभूति।
निष्कर्ष
श्री राहु चालीसा राहु देव की स्तुति का एक लोकप्रिय माध्यम है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया इसका पाठ मानसिक संतुलन, आत्मबल और आध्यात्मिक उन्नति में सहायक माना जाता है। यह भक्तों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन की परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा देता है।
FAQ (English)
1. What is Shri Rahu Chalisa?
Shri Rahu Chalisa is a devotional hymn dedicated to Rahu Dev, recited to seek blessings, protection, and spiritual support.
2. Who is Rahu Dev?
Rahu Dev is one of the Navagrahas in Hindu astrology and is associated with ambition, transformation, innovation, mystery, and foreign influences.
3. When should Shri Rahu Chalisa be recited?
It is commonly recited on Wednesdays, Saturdays, during Rahu Mahadasha, Amavasya, and during Navagraha worship.
4. How do you recite Shri Rahu Chalisa?
Sit in a clean and peaceful place, meditate on Rahu Dev, and recite the Chalisa with faith and concentration.
5. What are the benefits of Shri Rahu Chalisa?
It is believed to provide mental peace, confidence, positivity, spiritual growth, and relief from challenging Rahu influences.
6. Why is Shri Rahu Chalisa important?
It helps devotees seek Rahu Dev’s blessings and maintain spiritual balance during difficult planetary periods.
7. What is the meaning of Shri Rahu Chalisa?
The Chalisa praises the qualities and divine influence of Rahu Dev while seeking protection, guidance, and positive outcomes.
8. Can beginners recite Shri Rahu Chalisa?
Yes. Anyone can recite Shri Rahu Chalisa with devotion, faith, and sincerity.
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