Ramayan Aarti | रामायण आरती
Ramayan Aarti | रामायण आरती आरति श्री रामायण जी की। कीरति कलित ललित सिय पी की॥ गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद। बाल्मीकि बिग्यान बिसारद॥ सुक सनकादि सेष अरु सारद। बरन पवनसुत कीरति नीकी॥१॥ गावत बेद पुरान अष्टदस। छओ सास्त्र सब ग्रंथन को रस॥ मुनि जन धन संतन को सरबस। सार अंस संमत सबही की॥ २॥ गावत […]
